एक दूसरे की डाह में अब भी कुवारियां
रहती हैं मगर चाह में अब भी कुवारियां
आराम से मैं जी रहा हू गालियाँ सुन के
मरती हैं मेरी राह में अब भी कुवारियां
कर लेगा मेरा क्या कोई उजड़े दयार में ----2
मैंने विवाह कर लिया जा के बिहार में ...................../
कुछ मेरी मोहब्बत में घर फूक़ रहें हैं
कुछ है मेरी तस्वीर पे जो थूक रहें हैं
जिसने हमें आवारा कमीना कहा कुत्ता
लेकिन वही कुतिया की तरह भूक रहें हैं
किस्मत में जो लिखा था फ्री - फंड हो गया
दुःख जो हुआ अंड-बंड हो गया
जिस दिन मैं बन के दूल्हा गया पटना उसी दिन
आधा बिहार बँट के झारखण्ड हो गया
अब कौन मुझे कोयला देगा उधार में ----२
मैंने विवाह कर लिया ................................/
पहले तो मोहब्बत से मेरी बांह पकड़ के
आया हो प्यार आंधियो में जैसे उमड़ के
सरमा रहा हू कैसे बताऊँ की जकड के
पूछा सुहागरात में बीबी ने अकड़ के
मंदिर बनेगा राम का कैसे उजड़ के
मैंने कहा जा के ये अदालत से ही पूछो
ये सुनके मारी पांच लात मुझको बिगड़ के
उठ के कराहता हुआ भागा बुखार में
मैंने बिबाह .............................................../
एक पुरू प्रेमिका ने कहा हाय मत करो
मई घर से भाग आई हो गुडबाई मत कहो
मई अल्पसंख्यका हूँ मुझसे भी करो ब्याह
सेकुलर है मेरा देश तुम अन्याय मत करो
मेरे ससुर जी आये पिताजी से झड़ने
शुन्नी -शिया की तरह घर में लगे लड़ने
हनीमून मानाने गए हम मानसरोवर
भारत से लगे चीन के सम्बन्ध बिगड़ने
सेना हमारी लड़ने के है इन्तजार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
एक ने कहा मै कोल हूँ तुम भील की तरह
इस दिल में धंस रहें हो मेरे कील की तरह
कोमल कला की कल्पना कंदील की तरह
कविता मै कह रहा हू नयन नील की तरह
लगता है छायावाद ने फिर से जनम लिया
कोयल की तरह काली उड़ गयी काली गुवार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
दिल्ली से एक आई जो सल्फास लिए थी
एक आई राजस्थान से इतिहास लिए थी
कन्याकुमारी जाना पड़ेगा मुझे क्यों की
कश्मीर से जो आई एक लाश लिए थी
एक थी जो मुझे रास्ते में छेक रही थी
मै देख रहा था वो मुझे देख रही थी
रो-रो के मेरा नाम लिए जा रही थी किन्तु
भर-भर के आह मुह से खून फेक रही थी
होली मानाने आई थी जालिम कुवार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
उल्फत में बिमारो के लिए कुछ नहीं करती
दुनिया भी बिचारो के लिए कुछ नहीं करती
गलियों में लडकियों के लिए गोलियां चलें
सरकार कुवारों के लिए कुछ नहीं करती
भगवान ने इतना मुझे सुन्दर क्यों बनाया -२
एक प्यार में पगलाई मुखे खोज रही है
मर जाये ना राष्ट्रपति देख के मुझको
भारत की C .B .I मुझे खोज रही है
सुप्रिमकोर्ट देती जमानत है प्यार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
एक मर रही है रोग मोहब्बत में पाल के
एक ने तो रख दिया है गुर्दा निकाल के
संसद में इसी बात पे कोहराम मच गया
मुह फाड़ लिया एक ने खूटें में डाल के
राँची के पहाड़ो से एक आई थी निकाल के
एक ने कहा मै आगरे से आई हूँ चल के
अंजाम राष्ट्रीय प्यार का देखिये
एक मर गई है घर के मेरे सामने जल के
सब पाप भस्म हो गया मेरा अंगार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
कम्युनिस्ट बोले प्यार को छलने नहीं देंगे
प्रेमी को विरह अग्नि में जलने नहीं देंगे
कोई किसी से प्यार करे ब्याह किसी से
हम लोग इस सरकार को चलने नहीं देंगे
मार्क्सवादियों ने कहा लेट जायेंगे
कांग्रेसियों के साथ मिल चूना लगायें गे
संसद के शून्यकाल में बोले कुछ निर्दलीय
हम कल ही अविस्वाश का प्रस्ताव लायेंगे
कश्मीर में भूकंप इस दौरान आ गया
U .P की राजनीति में तूफ़ान आ गया
मैंने विवाह क्यों किया आखिर बिहार में
ये पूछने के लिए पाकिस्तान आ गया
पंजाब के दिन फिर गए मेरे विवाह से
आतंकवादी घिर गए मेरे विवाह से
जापान,रूस,मिश्र में बढ़ने लगा तनाव
शेयर के भाव गिर गए मेरे विवाह से
शिन्दूर सस्ता होके विकेगा बाजार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
Danda Barasi
रहती हैं मगर चाह में अब भी कुवारियां
आराम से मैं जी रहा हू गालियाँ सुन के
मरती हैं मेरी राह में अब भी कुवारियां
कर लेगा मेरा क्या कोई उजड़े दयार में ----2
मैंने विवाह कर लिया जा के बिहार में ...................../
कुछ मेरी मोहब्बत में घर फूक़ रहें हैं
कुछ है मेरी तस्वीर पे जो थूक रहें हैं
जिसने हमें आवारा कमीना कहा कुत्ता
लेकिन वही कुतिया की तरह भूक रहें हैं
किस्मत में जो लिखा था फ्री - फंड हो गया
दुःख जो हुआ अंड-बंड हो गया
जिस दिन मैं बन के दूल्हा गया पटना उसी दिन
आधा बिहार बँट के झारखण्ड हो गया
अब कौन मुझे कोयला देगा उधार में ----२
मैंने विवाह कर लिया ................................/
पहले तो मोहब्बत से मेरी बांह पकड़ के
आया हो प्यार आंधियो में जैसे उमड़ के
सरमा रहा हू कैसे बताऊँ की जकड के
पूछा सुहागरात में बीबी ने अकड़ के
मंदिर बनेगा राम का कैसे उजड़ के
मैंने कहा जा के ये अदालत से ही पूछो
ये सुनके मारी पांच लात मुझको बिगड़ के
उठ के कराहता हुआ भागा बुखार में
मैंने बिबाह .............................................../
एक पुरू प्रेमिका ने कहा हाय मत करो
मई घर से भाग आई हो गुडबाई मत कहो
मई अल्पसंख्यका हूँ मुझसे भी करो ब्याह
सेकुलर है मेरा देश तुम अन्याय मत करो
मेरे ससुर जी आये पिताजी से झड़ने
शुन्नी -शिया की तरह घर में लगे लड़ने
हनीमून मानाने गए हम मानसरोवर
भारत से लगे चीन के सम्बन्ध बिगड़ने
सेना हमारी लड़ने के है इन्तजार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
एक ने कहा मै कोल हूँ तुम भील की तरह
इस दिल में धंस रहें हो मेरे कील की तरह
कोमल कला की कल्पना कंदील की तरह
कविता मै कह रहा हू नयन नील की तरह
लगता है छायावाद ने फिर से जनम लिया
कोयल की तरह काली उड़ गयी काली गुवार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
दिल्ली से एक आई जो सल्फास लिए थी
एक आई राजस्थान से इतिहास लिए थी
कन्याकुमारी जाना पड़ेगा मुझे क्यों की
कश्मीर से जो आई एक लाश लिए थी
एक थी जो मुझे रास्ते में छेक रही थी
मै देख रहा था वो मुझे देख रही थी
रो-रो के मेरा नाम लिए जा रही थी किन्तु
भर-भर के आह मुह से खून फेक रही थी
होली मानाने आई थी जालिम कुवार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
उल्फत में बिमारो के लिए कुछ नहीं करती
दुनिया भी बिचारो के लिए कुछ नहीं करती
गलियों में लडकियों के लिए गोलियां चलें
सरकार कुवारों के लिए कुछ नहीं करती
भगवान ने इतना मुझे सुन्दर क्यों बनाया -२
एक प्यार में पगलाई मुखे खोज रही है
मर जाये ना राष्ट्रपति देख के मुझको
भारत की C .B .I मुझे खोज रही है
सुप्रिमकोर्ट देती जमानत है प्यार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
एक मर रही है रोग मोहब्बत में पाल के
एक ने तो रख दिया है गुर्दा निकाल के
संसद में इसी बात पे कोहराम मच गया
मुह फाड़ लिया एक ने खूटें में डाल के
राँची के पहाड़ो से एक आई थी निकाल के
एक ने कहा मै आगरे से आई हूँ चल के
अंजाम राष्ट्रीय प्यार का देखिये
एक मर गई है घर के मेरे सामने जल के
सब पाप भस्म हो गया मेरा अंगार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
कम्युनिस्ट बोले प्यार को छलने नहीं देंगे
प्रेमी को विरह अग्नि में जलने नहीं देंगे
कोई किसी से प्यार करे ब्याह किसी से
हम लोग इस सरकार को चलने नहीं देंगे
मार्क्सवादियों ने कहा लेट जायेंगे
कांग्रेसियों के साथ मिल चूना लगायें गे
संसद के शून्यकाल में बोले कुछ निर्दलीय
हम कल ही अविस्वाश का प्रस्ताव लायेंगे
कश्मीर में भूकंप इस दौरान आ गया
U .P की राजनीति में तूफ़ान आ गया
मैंने विवाह क्यों किया आखिर बिहार में
ये पूछने के लिए पाकिस्तान आ गया
पंजाब के दिन फिर गए मेरे विवाह से
आतंकवादी घिर गए मेरे विवाह से
जापान,रूस,मिश्र में बढ़ने लगा तनाव
शेयर के भाव गिर गए मेरे विवाह से
शिन्दूर सस्ता होके विकेगा बाजार में -----2
मैंने विवाह कर लिया ....................................../
Danda Barasi
No comments:
Post a Comment